भारत की सचिवालय प्रणाली

भारत में सचिवालय प्रणाली मूलतः ब्रिटिश काल की देन मानी जाती है जो 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट से प्रारंभ हुई जब पहली बार बंगाल के गवर्नर जनरल को प्रशासनिक सहायता देने के लिए चार सदस्य परिषद गठित की गई. 17 84 के एक्ट ने इसे 3 सदस्य बना दिया गया जबकि लार्ड वेलेजली द्वारा 1799 में मुख्य सचिव का पद सृजित किया जो केंद्र के सचिवालय पर होता था जबकि 1833 के चार्टर एक्ट में बंगाल के गवर्नर जनरल को भारत का गवर्नर जनरल बना दिया गया और अब 1843 में बंगाल के गवर्नर के सचिवालय से भारत सरकार के सचिवालय को पृथक करते हुए केंद्रीय सचिवालय की नींव रखी गई जिसमें डलहौजी द्वारा अनेक नए विभागों जैसे रेलवे विभाग, डाक तार विभाग एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग आदि का गठन किया!

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